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रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 11 मई 2025 को “बिना किसी शर्त” इस्तांबुल में यूक्रेन के साथ 15 मई को “सीधी शांति वार्ता” की पेशकश की। उन्होंने इसे युद्ध के “मूल कारणों को संबोधित करने” का प्रयास बताया। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने इसे “एक सकारात्मक संकेत बताया कि रूसियों ने अंततः युद्ध समाप्त करने पर विचार करना शुरू कर दिया है,” लेकिन उन्होंने यह भी ज़ोर दिया कि सबसे पहला कदम 12 मई से एक पूर्ण और स्थायी युद्धविराम होना चाहिए। जबकि विश्व नेताओं ने इस घटनाक्रम को सतर्क आशावाद के साथ लिया—उन्होंने वार्ता से पहले बिना शर्त 30-दिवसीय संघर्षविराम की मांग की—लेकिन लड़ाई और ड्रोन हमले जारी रहे, जिससे मास्को की मंशा पर संदेह और गहरा हो गया।
पृष्ठभूमि: एक युद्ध जो अब चौथे वर्ष में प्रवेश कर चुका है
रूस ने 24 फरवरी 2022 को यूक्रेन पर आक्रमण किया, जिससे द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यूरोप का सबसे बड़ा संघर्ष शुरू हुआ। पिछले तीन वर्षों में दोनों पक्षों को भारी जनहानि का सामना करना पड़ा है, सैकड़ों शहर तबाह हो गए और लाखों लोग शरण की तलाश में पलायन कर गए। अक्टूबर 2024 में, राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने अपनी “विजय योजना” पेश की, जिसमें रूस को शांति के लिए मजबूर करने के पांच बिंदु शामिल थे—जिनमें यूक्रेन की नाटो सदस्यता की कोशिश, सुरक्षा गारंटी और आर्थिक पुनर्निर्माण शामिल हैं।
पुतिन की प्रस्तावित शांति वार्ता
11 मई 2025 को राष्ट्रपति पुतिन ने घोषणा की कि रूस 15 मई को इस्तांबुल में यूक्रेन से मिलने के लिए “बिना किसी शर्त” तैयार है ताकि “स्थायी शांति” हासिल की जा सके। उन्होंने इस वार्ता को संघर्ष के “मूल कारणों को खत्म करने” का तरीका बताया और 2022 के एक मसौदा समझौते का ज़िक्र किया, जिसमें यूक्रेन की तटस्थता को सुरक्षा गारंटी के बदले में स्वीकार करने की बात थी। पश्चिमी शक्तियों ने पहले ही किसी भी संवाद से पहले 30-दिवसीय युद्धविराम की शर्त रखी थी, जिसे पुतिन ने “अस्वीकार्य” करार दिया।
ज़ेलेंस्की की सतर्क प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म “X” (पूर्व में ट्विटर) पर राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने लिखा:
“यह एक सकारात्मक संकेत है कि रूसियों ने आखिरकार युद्ध समाप्त करने पर विचार करना शुरू कर दिया है। पूरी दुनिया लंबे समय से इस क्षण की प्रतीक्षा कर रही थी।”
उन्होंने आगे कहा: “अब और हत्या का कोई औचित्य नहीं है, एक दिन के लिए भी नहीं। हम उम्मीद करते हैं कि रूस कल, 12 मई से एक पूर्ण, स्थायी और विश्वसनीय संघर्षविराम की पुष्टि करेगा, और यूक्रेन वार्ता के लिए तैयार है।”
ज़ेलेंस्की ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक बंदूकें शांत नहीं होतीं, तब तक वार्ता शुरू नहीं हो सकती।
विश्व भर की प्रतिक्रियाएं
ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और पोलैंड के यूरोपीय नेता पुतिन की पेशकश से पहले कीव पहुंचे और चेतावनी दी कि यदि हमले जारी रहते हैं तो रूस को और कड़े प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने 12 मई से 30-दिवसीय संघर्षविराम की अपील की। अमेरिका के नीति निर्माताओं—जिसमें पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी शामिल हैं—ने इस घटनाक्रम को एक संभावित “टर्निंग पॉइंट” बताया, हालांकि उन्होंने भी पहले संघर्षविराम की अनिवार्यता पर बल दिया। तुर्की के राष्ट्रपति रेचप तैयप एर्दोआन ने इस्तांबुल वार्ता की मेजबानी और मध्यस्थता की पेशकश की, और इसे “ऐतिहासिक मोड़” कहा यदि इससे शांति की ओर बढ़त होती है।
संशय और जारी लड़ाई
वार्ता की पेशकश के तुरंत बाद ही रूस ने कीव और अन्य क्षेत्रों पर ड्रोन हमला किया—100 से अधिक “शाहेद” ड्रोन भेजे गए ताकि ताकत का प्रदर्शन किया जा सके। यूक्रेनी वायु रक्षा प्रणाली ने इनमें से आधे से अधिक ड्रोन मार गिराए, लेकिन नागरिक क्षेत्रों पर हुए हमलों ने भरोसे को चोट पहुंचाई और यह संदेह गहरा कर दिया कि क्या मास्को वास्तव में शांति चाहता है।
जमीनी स्तर पर असर
फ्रंटलाइन कस्बों के पास बसे गांवों में परिवार अभी भी चिंता में हैं। खारकीव और डिनिप्रो में स्कूलों ने 12 मई की कक्षाएं रद्द कर दी हैं, यह देखने के लिए कि क्या संघर्षविराम कायम रहता है। स्थानीय बेकरी “शांति लोफ” नामक विशेष ब्रेड बना रही हैं—जो जैतून की शाखा के आकार में होती है—जिसके ज़रिए यूक्रेनी लोग मौन रूप में उम्मीद व्यक्त कर रहे हैं।
पृष्ठभूमि और मानवीय दृष्टिकोण
2022 से अब तक, आम यूक्रेनी नागरिकों ने बिजली कटौती, खाद्य संकट और लगातार बजते ड्रोन सायरनों का सामना किया है। फिर भी समुदायों ने मेट्रो स्टेशनों में अस्थायी बम शरणालय बनाए, स्वयंसेवकों की रसोई में गर्म सूप परोसा और बमबारी से क्षतिग्रस्त इमारतों पर रंगीन चित्र बनाकर आशा की भावना को ज़िंदा रखा। ये जमीनी स्तर की कोशिशें न केवल यूक्रेनी समाज की दृढ़ता को दर्शाती हैं, बल्कि यह भी दिखाती हैं कि लोग शांति की सबसे छोटी संभावना से भी क्यों चिपके हुए हैं।







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