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सारांश
भारत में पासपोर्ट विभिन्न रंग-कोडिंग के साथ आते हैं—साधारण (गहरा नीला), आधिकारिक (सफेद), राजनयिक (मैरून), इमरजेंसी सर्टिफिकेट (धूसर), और इमिग्रेशन (नारंगी)—जो विभिन्न उद्देश्यों और पात्रता समूहों के लिए बनाए गए हैं। बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख़ खान के पास एक मैरून राजनयिक पासपोर्ट होने की अटकलें लंबे समय से लगाई जा रही हैं, जो उनके वैश्विक योगदान के सम्मान के रूप में माना जाता है, हालांकि उनकी टीम की ओर से इस बारे में कोई सीधी पुष्टि नहीं की गई है। Henley Passport Index 2025 के अनुसार, भारतीय पासपोर्ट की वैश्विक रैंकिंग 85वीं है, जिससे 57 देशों में वीज़ा-फ्री या वीज़ा-ऑन-अराइवल प्रवेश की सुविधा मिलती है। वहीं Nomad Capitalist Passport Index 2025 में यह 148वें स्थान पर है, जिसमें अन्य कई कारकों को भी ध्यान में रखा गया है। 2024 से भारत ने ई-पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया शुरू की है, जिसमें बायोमेट्रिक चिप लगी होती है जिससे सुरक्षा और यात्रा में आसानी होती है। यह लेख भारतीय पासपोर्ट से जुड़ी किस्मों, इतिहास, प्रक्रियाओं और वैश्विक प्रभाव को सरल भाषा में समझाता है।
भारत में पासपोर्ट की किस्में
साधारण पासपोर्ट (गहरा नीला)
- इसे Type P कहा जाता है।
- किसी भी भारतीय नागरिक को निजी यात्रा जैसे पर्यटन, पढ़ाई या व्यापारिक उद्देश्यों के लिए जारी किया जाता है।
- वयस्कों के लिए 10 वर्षों और नाबालिगों के लिए 5 वर्षों तक वैध होता है।
- 36 या 60 पेज की बुकलेट में आता है, जो यात्रा की आवश्यकता पर निर्भर करता है।
- 2024 की शुरुआत से सभी नए साधारण पासपोर्ट ई-पासपोर्ट के रूप में जारी हो रहे हैं जिनमें डेटा चिप लगी होती है।
आधिकारिक पासपोर्ट (सफेद)
- इसे Type S कहा जाता है।
- यह पासपोर्ट सरकारी कर्मचारियों को उनके आधिकारिक कर्तव्यों पर विदेश यात्रा के लिए जारी किया जाता है, जिसमें सशस्त्र बलों के सदस्य भी शामिल हैं।
- इन पासपोर्ट्स पर कुछ शुल्कों में छूट और प्रवासन चेकपॉइंट्स पर त्वरित सेवाएं मिलती हैं।
राजनयिक पासपोर्ट (मैरून)
- इसे Type D कहा जाता है।
- यह पासपोर्ट भारतीय राजनयिकों, सांसदों, केंद्रीय मंत्रिपरिषद के सदस्यों और अन्य उच्च पदस्थ अधिकारियों को जारी किया जाता है।
- धारकों को कई देशों में वीज़ा छूट और फास्ट-ट्रैक क्लीयरेंस मिलता है।
- अनुरोध पर, राज्य स्तर के वरिष्ठ अधिकारी भी इस पासपोर्ट के लिए पात्र हो सकते हैं।
इमरजेंसी सर्टिफिकेट (धूसर) और इमिग्रेशन पासपोर्ट (नारंगी)
- इमरजेंसी सर्टिफिकेट (धूसर) एक अस्थायी दस्तावेज होता है जो तब जारी किया जाता है जब किसी व्यक्ति का पासपोर्ट विदेश में खो या चोरी हो जाए। इससे उन्हें भारत वापसी की अनुमति मिलती है।
- इमिग्रेशन पासपोर्ट (नारंगी) 2018 में शुरू किया गया था। यह उन प्रवासियों को जारी किया जाता है जो कम शैक्षणिक योग्यता रखते हैं और जिन्हें Emigration Check Required (ECR) श्रेणी के तहत अनुमति लेनी होती है।
शाहरुख़ खान और मैरून पासपोर्ट
बॉलीवुड के “किंग खान” कहे जाने वाले शाहरुख़ खान दुनियाभर में यात्रा करते हैं और उनके पास संयुक्त अरब अमीरात (UAE) का गोल्डन वीज़ा है। हालांकि, उनके पास राजनयिक पासपोर्ट होने की पुष्टि नहीं हुई है। अफवाहों के अनुसार, भारत सरकार संस्कृति दूतों को उनके अंतरराष्ट्रीय योगदान के सम्मान स्वरूप यह पासपोर्ट प्रदान कर सकती है। हालांकि इसकी औपचारिक पुष्टि नहीं हुई है, फिर भी गौरतलब है कि अमेरिका में शाहरुख़ को कई बार सामान्य सुरक्षा जांच से गुजरना पड़ा है।
भारतीय पासपोर्ट की वैश्विक ताकत: रैंकिंग
Henley Passport Index 2025
- यह इंडेक्स IATA डेटा पर आधारित होता है और 227 गंतव्यों तक वीज़ा-मुक्त पहुंच के आधार पर 199 पासपोर्टों की रैंकिंग करता है।
- जनवरी 2025 तक, भारतीय पासपोर्ट 85वें स्थान पर है (2024 में यह 80वें स्थान पर था)।
- इससे 57 देशों में वीज़ा-फ्री, वीज़ा-ऑन-अराइवल या ETA के जरिए प्रवेश मिल सकता है।
Nomad Capitalist Passport Index 2025
- यह इंडेक्स पासपोर्ट की वीज़ा पहुंच, कर नीति, वैश्विक छवि, द्वैध नागरिकता और स्वतंत्रता जैसे कारकों पर आधारित होता है।
- भारत इस रैंकिंग में 148वें स्थान पर है, जो यात्रा स्वतंत्रता और नीतिगत प्रतिबंधों को दर्शाता है।
वीज़ा आवश्यकताओं का संक्षिप्त अवलोकन (2025 तक)
- भारतीय नागरिक 26 देशों में वीज़ा-फ्री प्रवेश पा सकते हैं।
- 46 देशों में वीज़ा-ऑन-अराइवल मिलता है।
- 3 देशों में इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल अथॉराइजेशन (ETA) की सुविधा है।
- कुल मिलाकर 57 गंतव्यों में भारतीय पासपोर्ट पर यात्रा संभव है।
ऐतिहासिक और ज़मीनी विवरण
- उद्गम: भारत में सबसे पहले पासपोर्ट ब्रिटिश औपनिवेशिक काल में “Indian Protectorate Certificates” के रूप में जारी किए गए थे।
- आधुनिकीकरण:
- 2008 में मशीन-रीडेबल पासपोर्ट शुरू हुए।
- 2024 में नागपुर और भुवनेश्वर से ई-पासपोर्ट पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया।
- 2025 तक देशभर में ई-पासपोर्ट लागू करने की योजना है।
- आवेदन प्रक्रिया:
- आवेदक पासपोर्ट सेवा पोर्टल (Passport Seva) पर ऑनलाइन आवेदन करते हैं।
- शुल्क ₹1,000 से ₹4,000 (सामान्य/तत्काल) के बीच होता है।
- आवश्यक दस्तावेज़ जमा कर, पुलिस सत्यापन साक्षात्कार में भाग लेना होता है।
- विशेष पासपोर्ट योजनाएं:
- पहले भारत भारत-बांग्लादेश, भारत-श्रीलंका और भारत-पाकिस्तान के लिए विशेष पासपोर्ट जारी करता था, जो केवल उन्हीं देशों के लिए वैध होते थे।
- लेकिन 2013 तक ये योजनाएं ICAO (अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन) के नियमों के कारण बंद कर दी गईं।







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