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परिचय
एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में, मिज़ोरम को 20 मई 2025 को आधिकारिक रूप से भारत का पहला पूर्ण साक्षर राज्य घोषित किया गया है। यह महत्वपूर्ण घोषणा मिज़ोरम विश्वविद्यालय, आइज़ॉल में मुख्यमंत्री लालदूहोमा और केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी द्वारा की गई।
उपलब्धि
मिज़ोरम ने 98.2% साक्षरता दर हासिल की है, जो शिक्षा मंत्रालय द्वारा निर्धारित 95% के मानक से अधिक है। यह सफलता “ULLAS” (Understanding Lifelong Learning for All in Society), जिसे “नई भारत साक्षरता कार्यक्रम” (NILP) के नाम से भी जाना जाता है, के अंतर्गत प्राप्त हुई।
साक्षरता की यात्रा
पूर्ण साक्षरता की दिशा में मिज़ोरम का सफर तब शुरू हुआ जब राज्य में 3,026 निरक्षरों की पहचान की गई। इनमें से 1,692 लोगों ने बतौर शिक्षार्थी पंजीकरण कराया। इस अभियान में 292 स्वयंसेवी शिक्षक, जिनमें विद्यार्थी, शिक्षक और संसाधन व्यक्ति शामिल थे, ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इनका समर्पण मिज़ो संस्कृति के त्लावमगइह्ना (Tlawmngaihna)— यानी परोपकार और निःस्वार्थता के मूल्य को दर्शाता है।
शैक्षणिक ढांचा
मिज़ोरम की शिक्षा व्यवस्था का संचालन स्कूल शिक्षा निदेशालय द्वारा किया जाता है, जो प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च माध्यमिक, भाषा विकास, वयस्क शिक्षा और शारीरिक शिक्षा के प्रबंधन के लिए उत्तरदायी है। राज्य को चार शिक्षा जिलों में विभाजित किया गया है: चिमतुइपुई, लुंगलेई, आइज़ॉल ईस्ट और आइज़ॉल वेस्ट।
मूलभूत साक्षरता से आगे
अब राज्य की योजना है कि साक्षरता को केवल पढ़ना-लिखना तक सीमित न रखते हुए उसमें डिजिटल, वित्तीय और उद्यमिता कौशल को भी जोड़ा जाए ताकि समग्र शिक्षा सुनिश्चित की जा सके। इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में राज्यपाल जनरल (डॉ.) विजय कुमार सिंह ने “भारतीय रिज़र्व बैंक की वित्तीय साक्षरता सप्ताह 2025” का उद्घाटन किया, जिसमें खासतौर पर महिलाओं के बीच वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देने पर बल दिया गया।
आर्थिक विकास और शिक्षा
मिज़ोरम का शिक्षा पर विशेष ध्यान उसके आर्थिक विकास में भी सहायक रहा है। राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) 11वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान 11% की दर से बढ़ा, जबकि देश की औसत वृद्धि दर 7.8% थी। इस उच्च वृद्धि का श्रेय राज्य सरकार की नई भूमि उपयोग नीति (New Land Use Policy) को दिया गया है।
सेरछिप: सबसे साक्षर जिला
सेरछिप जिला 97.91% की प्रभावशाली साक्षरता दर के साथ मिज़ोरम का सबसे साक्षर जिला बन गया है। यह उपलब्धि जिले के मजबूत शैक्षणिक ढांचे और शिक्षा को बढ़ावा देने में सरकार और समुदाय दोनों के सफल प्रयासों को दर्शाती है।
निष्कर्ष
भारत का पहला पूर्ण साक्षर राज्य बनने की मिज़ोरम की यह उपलब्धि सामुदायिक भागीदारी और समर्पित सरकारी सहयोग के बल पर संभव हुई है। यह मील का पत्थर अन्य राज्यों के लिए एक मिसाल बनाता है कि अगर एकजुट प्रयास किए जाएं तो सार्वभौमिक साक्षरता एक प्राप्त करने योग्य लक्ष्य है।
अस्वीकरण: इस लेख में प्रस्तुत जानकारी 27 मई 2025 तक उपलब्ध आंकड़ों पर आधारित है। जानकारी की सटीकता सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है, फिर भी पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे नवीनतम जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोतों से संपर्क करें। लेखक और प्रकाशक प्रकाशन के बाद किसी भी प्रकार की भिन्नता या परिवर्तन के लिए उत्तरदायी नहीं होंगे।







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