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16 मई 2025 को, Moody’s ने अमेरिका की आखिरी AAA क्रेडिट रेटिंग भी छीन ली, जब उसने देश की दीर्घकालिक सॉवरेन रेटिंग को Aaa से घटाकर Aa1 (जो AA+ के समकक्ष है) कर दिया। कारण: बढ़ता राष्ट्रीय कर्ज और लगातार जारी राजकोषीय घाटा। इससे पहले Standard & Poor’s ने अगस्त 2011 में और Fitch ने अगस्त 2023 में अमेरिका की AAA रेटिंग घटा दी थी। इसका मतलब है कि अब कोई भी प्रमुख रेटिंग एजेंसी अमेरिका के कर्ज को सर्वोच्च श्रेणी में नहीं मानती। इस डाउनग्रेड से अमेरिका के उधारी खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है, बाजार में अनिश्चितता बढ़ सकती है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आर्थिक नीतियों पर राजनीतिक बहस तेज हो सकती है — विशेष रूप से 2017 के टैक्स कट्स एंड जॉब्स एक्ट को आगे बढ़ाने की उनकी योजना पर।
पृष्ठभूमि: हम यहां तक कैसे पहुंचे
2011: S&P की पहली कटौती
- 5 अगस्त 2011 को, Standard & Poor’s (S&P) ने अमेरिका की क्रेडिट रेटिंग AAA से घटाकर AA+ कर दी थी। इसका कारण: ऋण सीमा (Debt Ceiling) को लेकर राजनीतिक अस्थिरता और नीति निर्धारण की विश्वसनीयता पर संदेह।
- इस तथाकथित “ऋण सीमा संकट” में कांग्रेस इस बात पर बहस कर रही थी कि उधारी सीमा बढ़ाई जाए या नहीं, जिससे वैश्विक निवेशक घबरा गए थे।
2020–2023: चेतावनी संकेत और Fitch की चेतावनी
- जुलाई 2020: Fitch ने AAA रेटिंग को Negative Outlook पर रखा और चेतावनी दी कि COVID-19 खर्च के कारण 2021 तक अमेरिका का कर्ज GDP के 130% से अधिक हो जाएगा।
- 24 मई 2023: एक और ऋण सीमा गतिरोध के दौरान, Fitch ने AAA को Rating Watch Negative में डाल दिया।
- 1 अगस्त 2023: अंततः Fitch ने अमेरिका की रेटिंग घटाकर AA+ कर दी, यह कहते हुए कि बड़े घाटे और एक भरोसेमंद राजकोषीय योजना की कमी इसका कारण है।
16 मई 2025: Moody’s का डाउनग्रेड
- Moody’s ने अमेरिका की दीर्घकालिक सॉवरेन रेटिंग को Aaa से घटाकर Aa1 कर दिया। उन्होंने इसके पीछे $36 ट्रिलियन के राष्ट्रीय कर्ज, बढ़ते ब्याज भुगतान, और वॉशिंगटन में लगातार राजनीतिक गतिरोध को जिम्मेदार ठहराया।
- हालांकि Moody’s ने एक स्थिर आउटलुक (Stable Outlook) बनाए रखा, उन्होंने अमेरिका की अर्थव्यवस्था के आकार, लचीलापन और डॉलर की रिजर्व मुद्रा के रूप में भूमिका को प्रमुख कारण बताया।
इसका ट्रंप पर क्या असर पड़ेगा?
राजनीतिक नैरेटिव
- राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी टीम इस डाउनग्रेड को “बाइडेन-युग खर्च” और डेमोक्रेटिक पार्टी की विफलताओं का परिणाम बताकर प्रचारित कर रही है। उनके अनुसार यह उदारवादी वित्तीय कुप्रबंधन का प्रमाण है।
- डेमोक्रेट्स का जवाब है कि 2017 के टैक्स कट्स एंड जॉब्स एक्ट, जिसे ट्रंप ने लागू किया था, ने पहले से ही घाटे को बढ़ा दिया था और नई आपात स्थितियों के लिए जगह नहीं छोड़ी।
चुनावी प्रभाव
- अगर उधारी की लागत बढ़ती है, तो ट्रंप की दूसरी अवधि की योजनाएं जैसे कि और टैक्स कट्स या बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स फंड करना मुश्किल हो सकता है।
- विश्लेषकों का मानना है कि ट्रेजरी यील्ड में वृद्धि हो सकती है, जिससे होम लोन, स्टूडेंट लोन, और कॉरपोरेट उधारी महंगी हो सकती है।
आर्थिक प्रभाव: वॉल स्ट्रीट से लेकर आम नागरिक तक
उधारी की लागत
- डाउनग्रेड के बाद बाजारों ने 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में मामूली वृद्धि देखी, क्योंकि निवेशकों ने अब उच्च जोखिम प्रीमियम की मांग की।
- होम लोन की ब्याज दरों में 0.1–0.2 प्रतिशत अंकों की वृद्धि हो सकती है, जिससे मकान मालिकों को हर महीने सैकड़ों डॉलर ज्यादा चुकाने पड़ सकते हैं।
वैश्विक प्रतिक्रिया
- जर्मनी, जापान जैसे प्रतिद्वंदी देशों के बांड्स की मांग बढ़ सकती है क्योंकि निवेशक टॉप-टियर सुरक्षा की तलाश में रहते हैं।
- कुछ उभरती हुई अर्थव्यवस्थाएं डॉलर की मजबूती को लेकर चिंतित हैं क्योंकि इससे डॉलर-डिनॉमिनेटेड कर्ज चुकाने की लागत बढ़ जाती है।
कुछ अनजाने तथ्य और चौंकाने वाली जानकारियां
- बहुत से लोगों को नहीं पता कि अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने “आंशिक भुगतान की स्थिति” के लिए योजना बनाई थी, ताकि डिफॉल्ट की स्थिति में किन भुगतान को प्राथमिकता दी जाए, यह तय किया जा सके।
- फेडरल रिजर्व ने बैंकों को सलाह दी थी कि वे 5.5% तक की ब्याज दरों को ध्यान में रखकर स्ट्रेस टेस्ट करें, ताकि यील्ड में भारी वृद्धि होने पर भी वे मजबूत बने रहें।
निष्कर्ष
- AAA रेटिंग का खोना अमेरिका की दीर्घकालिक राजकोषीय अस्थिरता की गंभीरता को उजागर करता है। राष्ट्रपति ट्रंप के लिए यह एक तरफ चुनावी हथियार हो सकता है, वहीं दूसरी तरफ यह एक नीतिगत चुनौती भी है: लोकप्रिय टैक्स कट्स को संतुलित बजट के साथ कैसे जोड़ा जाए।
- बाजार और आम जनता को इसके प्रभाव झेलने पड़ सकते हैं — हो सकता है कि अब स्थानीय बेक सेल (bake sale) में भी वित्तीय अनुशासन की चर्चा हो!







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