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COVID‑19 महामारी के बाद पहली बार भारतीय रेलवे ने यात्री किराए में मामूली वृद्धि की घोषणा की है, जो 1 जुलाई 2025 से प्रभावी होगी। यह कदम बढ़ती संचालन लागत, आधुनिकीकरण के लक्ष्य और यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने के प्रयासों के तहत उठाया गया है।
🎟️ किराया वृद्धि का विवरण (1 जुलाई से लागू)
- नॉन-AC मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें: प्रति किलोमीटर 1 पैसे की बढ़ोतरी
- AC क्लास (3A, 2A, 1A): प्रति किलोमीटर 2 पैसे की बढ़ोतरी
- साधारण द्वितीय श्रेणी (अनारक्षित):
- 500 किलोमीटर या कम दूरी: कोई बदलाव नहीं
- 500 किलोमीटर से अधिक दूरी: प्रति किलोमीटर 0.5 पैसे की बढ़ोतरी
- मेट्रो/लोकल ट्रेनों और मासिक सीजन टिकटों: कोई बदलाव नहीं
💵 वास्तविकता में इसका क्या मतलब है?
- 1,000 किमी की नॉन‑AC यात्रा में सिर्फ ₹10 की बढ़ोतरी होगी।
- इसी तरह, एक AC 3‑टीयर यात्रा में ₹20 का इज़ाफा होगा।
- यदि कोई यात्री साधारण द्वितीय श्रेणी से 700 किमी की लंबी दूरी तय करता है, तो उसे सिर्फ ₹3.50 अतिरिक्त देने होंगे।
- रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह “पिछले दस वर्षों में सबसे कम किराया वृद्धि” है—2013 और 2020 की तुलना में यह बहुत ही छोटी वृद्धि है।
🔧 आखिर क्यों बढ़ाया गया किराया?
- संचालन लागत में जबरदस्त वृद्धि: डीजल, बिजली, कर्मचारियों के वेतन, पेंशन और रखरखाव लागत में बढ़ोतरी हुई है।
- वित्तीय स्थिरता: यात्री किराया अभी तक माल भाड़े से सब्सिडी लेकर चलाया जा रहा है। यह बदलाव बोझ को संतुलित करने और आधुनिकीकरण में मदद करेगा।
- परिवर्तन के लिए फंडिंग: रेलवे विद्युतीकरण, वंदे भारत जैसे नए ट्रेन सेट, स्टेशनों का पुनर्विकास, और ‘स्वच्छ ट्रेन स्टेशन’ जैसी पर्यावरण के अनुकूल पहल के लिए पूंजी की जरूरत है।
- स्वच्छ यात्राएं: नया “स्वच्छ ट्रेन योजना” लाया गया है जिसमें हाई-प्रेशर क्लीनिंग, कोचों की 10-मिनट सफाई चक्र, और इको-फ्रेंडली सामग्रियों का उपयोग होगा—यह सब निवेश की मांग करता है।
📌 1 जुलाई से टाट्काल बुकिंग में बड़े बदलाव
भारतीय रेलवे त्वरित बुकिंग टाट्काल योजना में कड़े नियम लागू कर रहा है ताकि दुरुपयोग रोका जा सके:
- 1 जुलाई से: केवल आधार-लिंक्ड और प्रमाणित IRCTC उपयोगकर्ता ही ऑनलाइन टाट्काल टिकट बुक कर सकेंगे।
- 15 जुलाई से: बुकिंग के समय आधार आधारित OTP जरूरी होगा—चाहे ऑनलाइन हो या PRS काउंटर पर।
- अधिकृत एजेंटों के लिए: AC टाट्काल बुकिंग 10:00–10:30 बजे तक बंद रहेगी। नॉन-AC टाट्काल बुकिंग 11:00–11:30 बजे तक बंद रहेगी।
- उद्देश्य: बॉट्स, दलालों और एजेंटों की धांधली रोककर आम यात्रियों को सही मौका देना। IRCTC और CRIS इन नियमों को सभी ज़ोन में लागू करेंगे।
🧭 पृष्ठभूमि और संदर्भ
- पिछली किराया वृद्धि जनवरी 2020 में महामारी की शुरुआत के समय हुई थी। तब नॉन‑AC मेल/एक्सप्रेस किराया 1 पैसे/किमी और AC का 2 पैसे/किमी बढ़ा था। इस बार की वृद्धि उस वृद्धि का केवल 50% है।
- मेट्रो और सीजन टिकटधारकों को राहत दी गई है ताकि दैनिक यात्रियों पर असर न पड़े।
- टाट्काल योजना, जो 1997 में शुरू हुई थी, लंबे समय से दुरुपयोग का शिकार रही है; 2015 में भी सुधार किए गए, लेकिन एजेंटों द्वारा टिकट जमाखोरी को नहीं रोका जा सका।
🤝 संतुलन की ओर एक स्मार्ट कदम
यह किराया अद्यतन एक संतुलित नीति को दर्शाता है:
- अधिकांश यात्रियों और दैनिक यात्रियों पर मामूली बोझ।
- लगभग ₹13,000 करोड़ की अतिरिक्त आय की उम्मीद—जिससे रेलवे का आधुनिकीकरण और पर्यावरणीय सुधार संभव होंगे।
- टाट्काल सुधार बुकिंग में पारदर्शिता और समानता सुनिश्चित करेंगे।
✅ यात्रियों को क्या करना चाहिए?
- अपने IRCTC खाते की जांच करें: 1 जुलाई से पहले आधार को लिंक और प्रमाणित करें ताकि अंतिम समय की परेशानी न हो।
- 15 जुलाई के बाद बुकिंग करते समय OTP की तैयारी रखें—चाहे ऑनलाइन हो या स्टेशन से बुकिंग करते समय।
- लंबी दूरी की यात्रा में मामूली बढ़ोतरी के लिए तैयार रहें: 1,000 किमी यात्रा में ₹10–₹20 अतिरिक्त।
- यदि आप लोकल ट्रेन या मासिक पास का उपयोग करते हैं, तो कोई बदलाव नहीं।







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