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टेक्नोलॉजी और रक्षा क्षेत्र में गहराता संकट
दुनिया भर में हड़कंप मच गया है क्योंकि रेयर अर्थ एलिमेंट्स (REEs) के वैश्विक नेता चीन ने इनके निर्यात पर सख्ती बढ़ा दी है। ये तत्व, भले ही वास्तव में ‘दुर्लभ’ न हों, लेकिन आधुनिक तकनीकों — जैसे इलेक्ट्रिक वाहन, स्मार्टफोन, पवन टर्बाइन और उन्नत रक्षा प्रणालियों — के लिए बेहद आवश्यक हैं। चीन के इस कदम ने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं की कमजोरियों, आर्थिक प्रभावों और भू-राजनीतिक तनावों को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।
रेयर अर्थ एलिमेंट्स क्या हैं?
रेयर अर्थ एलिमेंट्स 17 रासायनिक रूप से समान धातुओं का एक समूह हैं, जो उच्च तकनीक वाले अनुप्रयोगों के लिए आवश्यक होते हैं। इनका उपयोग इलेक्ट्रिक वाहन मोटर्स, पवन टर्बाइनों, स्मार्टफोन, इलेक्ट्रॉनिक्स, लेज़र्स और रक्षा उपकरणों में होता है। ये तत्व धरती में प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, लेकिन इन्हें केंद्रित रूप से निकालना और संसाधित करना मुश्किल होता है, जिससे इनका खनन और रिफाइनिंग एक विशेष और रणनीतिक उद्योग बन जाता है।
चीन की पकड़ और नई पाबंदियाँ
चीन ने ऐतिहासिक रूप से इस क्षेत्र में दबदबा बनाया हुआ है — वह वैश्विक उत्पादन का 60% और रिफाइनिंग व प्रोसेसिंग का लगभग 90% नियंत्रित करता है। अब चीन ने सात विशेष रेयर अर्थ तत्वों और उच्च प्रदर्शन मैग्नेट के निर्यात के लिए लाइसेंसिंग नियमों को और कड़ा कर दिया है। इसके तहत:
- निर्यात अनुमोदन की प्रक्रिया को धीमा किया गया है।
- एक नया राष्ट्रीय ट्रैकिंग सिस्टम शुरू किया गया है, जिसके तहत कंपनियों को मैग्नेट उत्पादन पंजीकृत करना होगा और अंतिम उपभोक्ताओं की विस्तृत जानकारी देनी होगी।
इस कदम को व्यापक रूप से एक रणनीतिक चाल के रूप में देखा जा रहा है, जिससे चीन इन तत्वों के निर्यात को नियंत्रित या सीमित कर सके।
वैश्विक प्रभाव: एक गंभीर चिंता की लहर
चीन के इस कदम के कई दूरगामी परिणाम सामने आ रहे हैं:
- ऑटोमोबाइल उद्योग: यूरोप और भारत की ऑटो कंपनियां, खासकर इलेक्ट्रिक वाहनों पर केंद्रित कंपनियां, आवश्यक मैग्नेट की कमी के चलते प्लांट बंद होने और उत्पादन में रुकावट की स्थिति का सामना कर रही हैं।
- रक्षा क्षेत्र: पश्चिमी देशों के रक्षा उपकरण निर्माता राडार, सोनार सिस्टम, जेट इंजन और गाइडेड मिसाइलों में प्रयुक्त महत्वपूर्ण घटकों की आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता से जूझ रहे हैं।
- नवीकरणीय ऊर्जा: यूरोप और उत्तरी अमेरिका में हरित ऊर्जा परियोजनाएं — जैसे विंड टर्बाइन और सोलर टेक्नोलॉजी — आपूर्ति बाधाओं के कारण देरी से प्रभावित हो रही हैं।
- आर्थिक प्रभाव: रेयर अर्थ तत्वों की कीमतें वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ रही हैं, जिससे विभिन्न उद्योगों में निर्माण लागत बढ़ रही है।
चीन की रणनीति: एक भू-राजनीतिक चाल
यह कदम चीन ने केवल आंतरिक नीति के तहत नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर अपनी शक्ति का प्रदर्शन करने के लिए उठाया है। इसे अमेरिका के साथ चल रहे व्यापार और तकनीकी तनावों — विशेष रूप से सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रिक वाहनों — के संदर्भ में देखा जा रहा है।
चीन इसे आर्थिक युद्ध के एक रूप के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है, जिससे वह वार्ताओं में खुद को मजबूत स्थिति में ला सके।
इसका एक ऐतिहासिक उदाहरण 2010 में देखा गया, जब चीन ने जापान के साथ समुद्री विवाद के दौरान REEs का निर्यात रोक दिया था।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया: विकल्पों की तलाश
वैश्विक समुदाय अब तेजी से विकल्प खोजने में जुट गया है:
- यूरोपीय संघ: चीन से इस फैसले पर स्पष्टीकरण मांगा है, नागरिक उपयोग के लिए छूट की मांग की है और विश्व व्यापार संगठन (WTO) में शिकायत दर्ज कराने पर विचार कर रहा है।
- संयुक्त राज्य अमेरिका: घरेलू स्तर पर REEs के खनन के लिए वित्तीय सहायता बढ़ा रहा है, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा जैसे देशों से वैकल्पिक आपूर्ति श्रृंखला बना रहा है और इन तत्वों का भंडारण भी कर रहा है।
- जापान, भारत और दक्षिण कोरिया: ऑस्ट्रेलिया और वियतनाम जैसे देशों से नई आपूर्ति संभावनाओं को लेकर द्विपक्षीय वार्ताएं कर रहे हैं।
आगे का रास्ता: अनिश्चितता और बदलाव
स्थिति अभी अस्थिर है, लेकिन कुछ संभावित परिदृश्य उभर रहे हैं:
- चीन के बाहर नई आपूर्ति श्रृंखलाओं की स्थापना
- इलेक्ट्रॉनिक कचरे से REEs की रीसाइक्लिंग को बढ़ावा
- महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति को सुनिश्चित करने के लिए देशों के बीच नए गठबंधन
- अगर राजनयिक समाधान नहीं निकला, तो व्यापार युद्ध के और बढ़ने की आशंका
भारत पर प्रभाव
भारत का ऑटोमोबाइल क्षेत्र, विशेष रूप से इलेक्ट्रिक वाहनों का बढ़ता उत्पादन, चीन की इन पाबंदियों से विशेष रूप से प्रभावित हो सकता है। ऐसे में भारत सरकार अब संभवतः :
- वैकल्पिक आपूर्ति स्रोतों को सुरक्षित करने के प्रयास तेज़ करेगी
- देश में ही REEs की खोज और रिफाइनिंग को बढ़ावा देने के लिए निवेश बढ़ा सकती है







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